कौन से चीज़ अमीरों को अमीर बनाती है ?

एक दिन स्चूक के बाद में अपने अमीर डैडी के ऑफिस में काम कर रहा था । उस वक्त मैं 15 साल का था और स्कूल में बहुत ही कुंठित महसूस करता था । में अमीर बनना सीखना चाहता था, परन्तु ‘मनी 101″ या “हाउ तो बिकम अ मिलिनिएअर 202” जैसे विषयों का अध्यन करने के बजाय मैंने अपने आप को विज्ञान की कक्षा में मेढकों का डिसेक्शन करते हुए पाया । में यह सोचता रहता था कि यह मारा हुआ मेढक मुझे किस तरह अमीर बनाएगा । स्कूल में कुंठित करने के बाद मैंने अपने अमीर डेडी से पुछा, “हमें स्कूल में पैसे के बारे में शिक्षा क्यों नहीं दी जाती है ?”
अमीर डेडी मुस्कुराये, उन्होंने अपने कागजी काम से निगाह उठायी और कहा, “में नहीं जानता । मुझे खुद इस बात पर हैरानी होती है ।” वे कुछ देर के लिए ठहरे और फिर उन्होंने पुछा, “तुम यह क्यूँ पूछ रहे हो ?”
मैंने धीमे से कहा, “मैंने स्कूल में बोर हो चूका हूँ । स्कूल में जो हमें पढाया जाता है और असली दुनिया में जिसकी जरुरत है मुझे उन दोनों में कोई तालमेल नहीं दिखता । में सिर्फ अमीर बनना सीखना चाहता हूँ । में नहीं जानता की एक मारा हुआ मेढक किस तरह नयी कार खरीदने में मेरी मदद कर सकता है ? अगर टीचर मुझे यह बता दे कि किस तरह मारा हुआ मेढक मुझे अमीर बना सकता है तो में एक क्या, हज़र्रों मेढकों का डिसेक्शन कर दूँ ।”
अमीर डेडी जोर से हसें और उन्होंने पुछा, “जब तुम अपने टीचर से मरे हुए मेढक और धन के सम्बन्ध के बारे में पूछते हो तो तुम्हारे टीचर क्या कहते है ?”

 

“मेरे सभी टीचर एक ही बात कहते है, “मैंने जवाब दिया । “वे वही बात दोहराते है चाहे में उनसे कितनी ही बार पूछूँ कि स्कूल किस तरह असली दुनिया के लिए प्रासंगिक है ।”
“और वे क्या कहता है ?”
“वे कहते है, ‘तुम्हे अच्छे नंबर लाने की जरुरत है ताकि तुन्हें एक सुरक्षित नौकरी मिल सके,” मैंने जवाब दिया ।
“ज्यादातर लोग यही चाहते है,” अमीर डेडी ने कहा । “ज्यादातर लोग नौकरी पाने और किसी तरह की आर्थिक सुरक्षा हांसिल करने के लिए ही स्कूल जाते है ।”
“परन्तु में यह नहीं करना चाहता । में किसी और के लिए काम करने वाला कर्मचारी नहीं बनना चाहता । में अपनी जिन्दगी इस तरह से नहीं गुजारना नहीं चाहता कि कोई दूसरा मुझे बताये कि मैं कितना धन कम सकता हूँ या मैं कब काम करूँ या मैं कब छुट्टी मनाने जा सकता हूँ । में अमीर बनना चाहता हूँ । इसलिए मैं नौकरी नहीं करना चाहता ।”
उन लोगो के लिए जिन्होंने मेरी रिच डेड पुअर डेड पुस्तक ना पढ़ी हो, में बता दू कि मेरे अमीर डेडी मेरे सबसे अच्छे दोस्त के डेडी थे । हालांकि उन्होंने जीरो से अपना सफ़र शुरू किया था और उनके पास कोई ओपचारिक शिक्षा नहीं थी, परन्तु वे अंततः हवाई राज्य के सबसे अमीर लोगो में से एक बन गए । मेरे गरीब डेडी याही मेरे असली डेडी बहुत उच्च शिक्षित थे और एक ऊँची तनख्वाह वाले सरकारी अधिकारी थे, परन्तु उनकी अच्छी तनख्वाह के बावजूद हम लोग हर महीने के आखिर में दिवालिया हो जाते थे । जब उन्हा अंत समय आया तो वे दिवालिया ही मरे और उनके पास जिन्दगी भर की कड़ी मेहनत के एवज में दिखलाने के लिए कुछ भी नहीं था ।
मैं जानता था कि मुझे स्कूल में वह शिक्षा नहीं मिलेगी जिसकी मुझे तलाश थी , इसलिए मैंने स्कूल के बाद और वीकेंड में अपने अमीर डेडी के साथ अपनी पढाई शुरू की । मैं जानता था कि स्कूल के पास वे जवाब नहीं होंगे जिनकी मुझे तलाश थी क्योंकि मेरे असली डेडी यानी मेरे गरीब डेडी हवाई राज्य के शिक्षा प्रमुख थे । मैं जानता था कि मेरे असली डेडी, जो मुख्य अध्यापक थे, पैसे के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे । इसलिए में जानता था कि स्कूली सिस्टम मुझे वह सिखा नहीं सकता था जो मैं सीखना चाहता था । 15 वर्ष की उम्र में मैं यह नहीं जानता था कि अमीरों के लिए काम करने वाला कर्मचारी कैसे बना जाए बल्कि मैं यह जानना चाहता था कि अमीर कैसे बना जाए ।
मैं किसी ऐसे वयस्क की तलाश करने लगा जो मुझे पैसे के बारे में सिखा सके, क्योकि मैंने देखा कि मेरे माता-पिता पैसे की तंगी के कारण अक्सर झगड़ते रहते थे । इसलिए में अपने अमीर डेडी के पास पढने के लिए आया । मैंने उनके साथ 9 साल की उम्र से लेकर 38 साल की उम्र तक अध्यन किया । मैं शिक्षा की तलाश में था । यह मेरे “बिज़नस स्कूल” था, असली जिन्दगी का बिज़नस स्कूल । अपने अमीर डेडी की ट्रेनिंग की बदोलत मैं 47 वर्ष की उम्र में रिटायर हो सका और मैं आर्थिक चिंताओं से जीवन भर के लिए पूरी तरह मुक्त हूँ । अगर मैंने अपने गरीब डेडी की बात मानी होती, यानी 65 साल की उम्र तक अच्छा कर्मचारी बनने की सलाह, तो मैं आज भी कहीं नौकरी कर रहा होता, अपनी नौकरी की सुरक्षा को लेकर चिंतित होता और अपने पेंशन प्लान को लेकर चिंतिति होता जिसमे म्यूच्यूअल फण्ड होते और जिनका मूल्य लगातार कम हो रहा होता । मेरे अमीर डेडी और मेरे गरीन डेडी की सलाह में अंतर सीधा सा था । मेरे गरीब डेडी हमेशा कहते थे, “स्कूल जाओ, अच्छे नंबर लाओ ताकि तुम्हे एक सुरक्षित नौकरी मिल सके जिसमे दूसरे लाभ भी हों ।” मेरे अमीर डेडी की सलाह थी, “अगर तुम अमीर बनना चाहते हो, तो तुम्हे बिज़नस मालिक और निवेशक बनने की जरुरत है ।” मेरी समस्या यह थी कि स्कूल में ना तो मुझे बिज़नस मालिक बनना सिखाया जाता था, ना ही निवेशक बनना ।

 

थॉमस एडिसन अमीर और प्रसिद्द क्यों थे

“तो आज तुमने स्कूल में क्या पढ़ा ?” अमीर डेडी ने पुछा ।

कुछ देर सोचने के बाद मैंने जवाब दिया, “हमें थॉमस एडिसन के जीवन के बारे में पढ़ाया गया ।”

“वे एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे और उनके जीवन का अद्धयं अवश्य किया जाना चाहिए,” अमीर डेडी ने कहा । “तो, क्या तुम लोगो ने यह चर्चा की कि वे किस तरह अमीर और प्रसिध बने ?”

“नहीं,” मैंने जवाब दिया । “हमने केवल उनके आविष्कारों के बारे में चर्चा की, जैसे की बिजली का बल्ब ।”

अमीर डेडी मुस्कुराये और उन्होंने कहा, “अच्छा, मुझे तुम्हारी टीचर के विरोध में बोलते हुए बुरा लग रहा है परन्तु थॉमस एडिसन ने बिजली के बल्ब का अविष्कार नहीं किया… हालाँकि उन्होंने इसे आदर्श जरुर बनाया ।” अमीर डेडी ने बाद में यह बताया कि थॉमस एडिसन उन्हें हीरो थे और उन्होंने उनकी जीवनी पढ़ी थी ।

“तो फिर उन्हें इसका अविष्कार करने का श्रेय क्यों दिया जाता है ?” मैंने पूछा ।

“उनके बिजली के बल्ब बनाने से पहले कई बिजली के बल्ब बनाए जा चुके थे, परन्तु समस्या यह थी कि वे बल्ब प्रक्टिका नहीं थे । दूसरों के बल्ब ज्यादा समय तक जल नहीं पाते थे । इसके अलावा दूसरे अविष्कार करने वाले यह भी नहीं समझा पाते थे कि बिजली के बल्ब से किस तरह व्यावसायिक लाभ हो सकता है ।”

“व्यावसायिक लाभ ?” मैंने आश्चर्य भरे स्वर में पूछा ।

“दूसरे शब्दों में, दूसरे अविष्कार करने वाले यह नहीं जानते थे कि अपने अविष्कार से किस तरह पैसा कमाया जाए…. और थॉमस एडिसन यह जानते थे,” अमीर डेडी ने आगे कहा ।

“तो, उन्होंने बिजली के पहले उपयोगी बल्ब का अविष्कार किया और वे यह भी जानते थे कि बल्ब को बिज़नस में कैसे बदला जाए ।”

अमीर डेडी ने सहमती से सर हिलाया, “और यह उनकी बिज़नस बुद्धि थी जिस वजह से उनके इतने सारे अविष्कार करोडो लोगो के लिए इतने ज्यादा उपयोगी साबित हुए है । थॉमस एडिसन सिर्फ एक आविष्कारक नहीं थे । वे जनरल इलेक्ट्रिक और कई अन्य प्रमुख कंपनियों के संस्थापक थी थे । क्या तुम्हारे टीचर ने तुम्हे यह बताया ?”

“नहीं,” मैंने जवाब दिया । “काश उन्होंने बताया होता । तब मैं इस विषय में ज्यादा रूचि लेता । इसकी बजाय मैं उनकी बातों से बोर हो गया और यह सोचता रहा कि थॉमस एडिसन असली जिन्दगी के लिए किस तरह प्रासंगिक थे । अगर उन्होंने मुझे यह बताया होता कि वे किस तरह अमीर बने, तो मैंने ज्यादा दिलचस्पी ली होती और ज्यादा मन लगाकर सुना होता ।”

अमीर डेडी हँसे और उन्होंने मुझे आगे बताया कि थॉमस एडिसन आविष्कारक होने के अलावा एक करोड़पति भी थे और उन्होंने बिलियन डॉलर वाले कारपोरेशन की स्थापना भी की थी । अमीर डेडी ने बताया कि एडिसन ने स्कूल छोड़ दिया था क्योंकि उनके टीचर्स यह मानते थे कि उनमे इतनी बुद्धि नहीं हा कि वे स्कूल में सफल हो सके । उन्होंने अपनी किशोरावस्था में रेल में केंडी और पत्रिकायें बेचने का काम किया । वहां पर उन्होंने अपनी सेल्स योग्यताओं को निखारा । जल्दी ही वे ट्रेन में अपना खुद का अख़बार छापने लगे और उन्होंने किशोर युवकों की टीम बनायीं जो या सिर्फ उनके लिए केंडी बेचते तह, बल्कि उनका अख़बार भी बेचते थे । किशोरावस्था में ही वे कर्मचारी से बिज़नस मालिक बन गए और एक साल में उनके नीचे एक दर्जन बच्चे काम करते थे ।”

“तो इस तरह थॉमस एडिसन ने अपना बिज़नस करियर शुरू किया था ?” मैंने पूछा ।

अमीर डेडी ने अपना सर हिलाया और वे मुस्कुराये ।

“तो फिर टीचर ने मुझे यह क्यों नहीं बताया ?” मैंने पूछा । “मुझे यह कहानी सुनना अच्छा लगता ।”

“इससे आगे और भी है, “अमीर डेडी ने एडिसन की कहानी को आगे बढ़ाते हुए कहा । उन्होंने यह बताया कि एडिसन ट्रेन के अपने बिज़नस से जल्दी ही बोर हो गए और उन्होंने यह सीखना शुरू कर दिया कि किस तरह मोर्स कोड को भेजा और समझा जाता है ताकि वे टेलीग्राफ ऑपरेटर का काम कर सके । जल्दी ही एडिसन दुनिया के सर्वश्रेष्ठ टेलीग्राफ ऑपरेटर्स में से एक बन गए और वे अपनी योग्यताओं का प्रयोग करते हुए इस शहर से उस शहर की यात्रा करते रहे । “यहाँ पर उन्होंने एक युवा व्यवसायी और टेलीग्राफ ऑपरेटर के रूप में जो सिखा उसकी वजह से उन्हें बिजली के बल्ब का आविष्कारक और बिज़नस बनने में बहुत मदद मिली ।”

“टेलीग्राफ ऑपरेटर बनने से उन्हें बेहतर बिजनेसमैन बनने में कैसे मदद मिली ?” मैंने आश्चर्य से पुछा । “इसका उनके अमीर बनने से क्या लेना-देना है ?”

“मुझे समझाने के लिए समय दो,” अमीर डेडी ने कहा । “देखो, थॉमस एडिसन सिर्फ एक आविष्कारक से अधिक थे । बचपन में ही वे बिज़नस मालिक बन गए थे, इसलिए वे इतने ज्यादा अमीर और प्रसिद्ध बन पाए । स्कूल जाने के बजाय वे असली दुनिया में सफलता के लिए आवश्यक बिज़नस योग्यताओं को हांसिल कर रहे थे । तुमने मुझसे पूछा था कि अमीर लोग अमीर क्यों बनते है, है ना ?”

“हाँ,” मैंने जवाब दिया और थोडा शर्मिंदा था की मैंने अमीर डेडी की बातों के बीच में टोका था ।

“बिजली के बल्ब के सन्दर्भ में उनके बिज़नस और टेलीग्राफ ऑपरेटर के अनुभवों की बदोलत वे मशहूर हुए,” अमीर डेडी ने कहा । “टेलीग्राफ ऑपरेटर होने के नाते वे जानते थे कि टेलीग्राफ का आविष्कारक इतना सफल इसलिए हुआ क्योंकि यह एक बिज़नस सिस्टम थे – लाइन, खम्बों, प्रशिक्षित व्यक्तिओं और रिले स्टेशनों का सिस्टम । युवावस्था में ही थॉमस एडिसन या सिस्टम की शक्ति को समझ लिया था ।”

मैं बीच में कूड़ा, “आपका यह मतलब है कि चूकी वे एक बिजनेसमैन थे, इसलिए उन्होंने यह जान लिया की सिस्टम कितना महत्वपूर्ण था । यानी कि सिस्टम आविष्कार से ज्यादा महत्वपूर्ण था ”

अमीर डेडी ने सहमती से सर हिलाया । “देखो, ज्यादातर लोग यह सीखने के लिए स्कूल जाते है कि सिस्टम के कर्चारी कैसे बना जाए, इसलिए वे बड़ी तस्वीर को नहीं देख पाते । ज्यादातर लोग केवल अपनी नौकरी के लाभ को देख पाते है क्योंकि उन्हें यही देखने का प्रशिक्षण दिया गया है । इसलिए वे पेड़ों को तो देख लेते है, परन्तु जंगले को देख नहीं पाते ।”

“तो, ज्यादातर लोग अपने सिस्टम का मालिक बनने के बजाय सिस्टम के लिए काम करते है,” मैंने आगे कहा ।

सहमति में सर हिलाते हुए अमीर डेडी ने कहा, “वे सिर्फ अविष्कार या प्रोडक्ट देखते है, सिस्टम को नहीं देखते । ज्यादातर लोग यह नहीं देख पाते की कौन सी चीज़ अमीर को अमीर बनाती है ?”

“इसका थॉमस एडिसन और बिजली के बल्ब से क्या सम्बन्ध है ?” मैंने पूछा ।

“बिजली के बल्ब को बुजली के तारों और रिले स्टशनों के समूह से शक्ति मिलती थी,” अमीर डेडी ने कहा । “जिस चीज़ ने थॉमस एडिसन को अमीर और मशहूर बनाया वह यह बात थी कि वे बड़ी तस्वीर देख सकते थे जबकि बाकी लोग सिर्फ बिजली के बल्ब को ही देख रहे थे ।”

“और वे यह बड़ी तस्वीर इसलिए देख सकते थे क्योंकि उनके पास ट्रेन और टेलीग्राफ ऑपरेटर के बिज़नस का अनुभव था,” मैंने जोड़ा ।

अमीर डेडी ने सर हिलाया । “सिस्टम का एक और नाम “नेटवर्क” है । अगर तुम अमीर बनने के बारे में सचमुच सीखना चाहते हो, तो तुम्हे नेटवर्क में पायी जाने वाली शक्ति को जानना और समझना शुरू कर देना चाहिए । दुनिया में सबसे अमीर लोग नेटवर्क बनाते है । बाकी सभी को काम की तलाश करने का प्रशिक्षण दिया जाता है ।”

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