सरकार ने कहा डेबिट क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करो और पैसे बचाओ

विपक्ष के विरोध की परवाह ना करते हुए सरकार ने कल नोटबंदी पर एक महिना पूरा होने पर एक और नयी घोषणा की है | सरकार की कोशिश साफ़ साफ़ है कि लोग ज्यादा से ज्यादा कार्ड का इस्तेमाल करें |

इसको बढावा देने के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली कार्ड से या फिर डिजिटल तरीके से भुगतान करने वाले लोगो के लिए कई प्रकार की छूट की घोषणा की है |

digital-kratine-modi-2016

अब कार्ड से पेट्रोल और डीजल भरवाना सस्ता हो जायगा | इसके अलावा रेल टिकेट, जीवन बीमा, टोल टेक्स में भी लोगो को बढ़ी रहत मिलेगी और इनमे भी सबसे पहले बात पेट्रोल और डीजल की है |

वित्तमत्री ने ऐलान किया कि पेट्रोल और डीज़ल लेने के बाद डिजिटल पेमेंट करने वालों को 0.75 की छूट दी जायगी | ऐसे समझिये … दिल्ली में अभी पेट्रोल 66 रूपये लीटर है | 0.75 की छूट का हिसाब करेंगे तो हर लीटर पर 50 पैसे बचेंगे आर डीज़ल पर 41 पैसे बचेंगे |

अगर आप दिल्ली में कार की टंकी फुल करवाते है तो मान लीजिये आप एक बार में 30 लीटर तेल डलवाते है और आप केश पेमेंट करते है तो आपको देने होंगे 1980 रूपये जबकि कार से पेमेंट करेंगे तो 50 पैसे लीटर के हिसाब से बचेंगे 15 रूपये और आपको कार्ड से 1965 रूपये देने होंगे |

इसी तरह अगर Bike की टंकी फुल करवाने के लिए उसने 15 लीटर पेट्रोल डलवाते है तो कैश में लगेंगे 990 जबकि कार्ड से आपको सिर्फ 982 रूपये देने होंगे |

मुंबई में हर लीटर पेट्रोल पर कार्ड से पेमेंट करने पर 55 पैसे बचेंगे जबकि हर लीटर डीज़ल पर 45 पैसे की छूट मिलेगी | अगर आप मुंबई में है तो वहां पेट्रोल 72 रूपये 62 पैसे लीटर है | अभी 30 लीटर तेल डलवाने पर कैश लगेगा 2178 रूपये लेकिन कार्ड से पेमेंट करने पर 18 रूपये बचेंगे और 2160 रूपये देने होंगे यानी हर बार 18 रूपये की बचत |

इंडियन आयल, हिदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेटोलियम के अलावा प्राइवेट कंपनियां एस्सार, रिलायंस और शेल भी पेट्रोल-डीज़ल बेचती है | भली ही इस प्रस्ताव में केवल सरकारी कंपनियों को शामिल किया गया हो लेकिन प्राइवेट कंपनियों को बराबरी करना बढ़ते मुकाबले की मज़बूरी है | मतलब उनको ऐसा डिस्काउंट उपलब्ध करवाना होगा जिससे लोगो को ज्यादा से ज्यादा फायदा हो |

देश में हर रोज़ 4.50 करोड़ लोग पेट्रोल-डीज़ल भरवाते है | एक अनुमान के अनुसार रोजाना 1800 का पेट्रोल डीज़ल बेचा जाता है | अभी तक 20% पेमेंट ही कार्ड से किया जाता था लेकिन नोटबंदी के बाद यह बढ़कर 40% हो गया और कहीं कहीं यह 50% तक है | सिर्फ 30 दिन में ही 360 करोड़ कैश की जरुरत कम हो गयी उम्मीद की जा रही है कि 70-80% लोग कार्ड से पयेम्त्न करेंगे और 2 साल के अन्दर 2 लाख करोड़ कम नकदी की जरुरत पड़ेगी |

ये कब से लागू होगा इस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है | बगैर नकदी के लेनदेन करने और क्लासिक करेंसी को बढ़ावा देने के लिए 2 सालों से चर्चा चल रही थी लेकिन कोई बढ़ा फैसला नहीं हो पाया था अब ऐसा लगता है नकदी के बंदी का इल्जाम झेलकर आनन फानन में कुछ बढे उपायों का ऐलान कर रही है |

Leave a Reply