फेसबुक चलाने वाले बीमार है

कहते है अति हर चीज़ की ख़राब होती है। इसी तरह अगर आप फेसबुक का इस्तेमाल ड्राइविंग के दौरान, मीटिंग के बीच और वक्त-बेवक्त करने लगते है, तो यह आपके दिमाग के दो सिस्टम्स के बीच संतुलन की कमी हो सकती है।  शोधकर्ताओं ने पाया कि यह संतुलन जितना भी ख़राब होगा, सोशल मीडिया पर आप उनती ही बेताबी से बार-बार जायेंगे। USA की डिपॉल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 341 अंडरग्रेजुएट कॉलेज स्टूडेंट से डाटा जुटाया, जो फेसबुक का इस्तेमाल करते है।

 

अध्यन में पाया गया कि जो लोग फेसबुक का वक्त-बवक्त इस्तेमाल करते थे, उनके सिस्टम 1 व सिस्टम 2 में अंतर पाया गया।  उनका इमोशनल प्रीओक्युपेशन मजबूत गया और कॉग्निटिव बेहविरल सिस्टम कमजोर पाया गया। यही असंतुलन उनमे सोशल मीडियल को लेकर बेसब्री पैसा करता है।
यूनिवर्सिटी के सदस्य हमीद कादरी सारेमी ने बताया, ‘सिस्टम १ अपने आप ही सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन और रिएक्शन को लेकर सक्रिय हो जाता है। वहीँ सिस्टम 2 रीजनिंग सिस्टम होता है, जो धीरे-धीरे मूव करता है। यह व्यवहार को संतुलित बनाए रखता है।
उन्होंने बताया कि सिस्टम 2 आपको इस तरह की गैर-जरुरी हरकतें ना करने के लिए नियंत्रित करता है।  शोधकर्ताओं ने पाया कि 76 परसेंट लोगो ने माना कि वे क्लास में भी फेसबुक का इस्तेमाल करते है। वहीँ, 40 प्रतिशत लोगो ऐसे थे, जन्होंने ड्राइविंग करते हुए फेसबुक चलाने की बात स्वीकार की। 63% लोग काम छोड़कर फेसबुक चलाते है, ऐसा उन्होंने स्वीकार किया।
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